विश्वास के कथन


बाईबल पवित्र आत्मा के द्वारा प्रेरित, परमेश्वर का वचन है, और मनुष्य की हर समस्या का उत्तर इस में है।
2 तीमुथियुस 3:16,17; पतरस 1:20,21


यहाँ पर एक ही परमेश्वर है, जो अनन्त काल से तीन व्यक्तियों में हैः परमेश्वर पिता, परमेश्वर पुत्र और परमेश्वर पवित्र आत्मा।
यूहन्ना 10:30; यूहन्ना 14:26; फिलिप्पयों 2:5-7


परमेश्वर प्रेम है और वह सब मनुष्यों से प्रेम करता है। उसकी यह इच्छा है कि उन के पास पहुँचा जाए जो गरीब, दबाए हुए, विधवाएँ, और अनाथ, है और टूटे हुए हृदयो को चंगा करना है।
भजन संहिता 68:5,6; 1 यूहन्ना 4:16


मनुष्य परमेश्वर के स्वरूप पर बनाया गया पर पाप के कारण परमेश्वर से अलग किया गया। यीशु मसीह के बिना हम परमेश्वर से संबंध नहीं रख सकते।
उत्पत्ति 1:26; 1 तीमुथियुस 2:5


हम उद्धार के द्वारा परमेश्वर के साथ एक व्यक्तिगत संबंध रख सकते है। यह जो हम करते उसका परिणाम नहीं है, पर यह परमेश्वर के उपलब्ध अनुग्रह के द्वारा है जिसके हम हकदार नहीं है। यह स्वीकार करने के द्वारा कि हमने पाप किया है और यीशु की मृत्य में, दफनाए जाने और पुनरूत्थान में विश्वास करने और प्रभु को स्वीकार करने के द्वारा है कि, हम परमेश्वर के साथ अनन्त काल व्यतीत कर सकते है।
इफिसियों 2:8,9; रोमियों 5:1; रोमियों 3:24


हम पानी के बपतिस्में में विश्वास करते है, जैसा कि यीशु के द्वारा सिखाया गया और प्रदर्शित किया गया है, जो कि यीशु की मृत्य, दफनाए जाने और पुनरूत्थान के साथ पहचानने का एक ढंग है।
मत्ती 28:19; रोमियों 6:4; मत्ती 3:13-17


पवित्र आत्मा का बपतिस्मा परमेश्वर की ओर से एक उपहार है। वह विश्वासी की सहायता कर अधिकार प्रदान करता है कि वह मसीह के चरित्र में बढ़ सके और हर दिन परमेश्वर की इच्छा में बिता सकें।
मत्ती 3:11; प्रेरितों के काम 2:4


परमेश्वर सभी विश्वासियों को आत्मिक वरदान देता है। वह परमेश्वर के लोगों को (कलीसिया) को बल देने के लिए और अविश्वासियों के लिए परमेश्वर के अस्तित्व और शक्ति का प्रमाण है। आत्मा के वरदान आज भी क्रियाशील और अनुकूल है।
1 कुरिन्थियों 12:4-11; 1 पतरस 4:10


संतुष्टि हम में परमेश्वर के चरित्र को विकसित करने की अनुमति देती हुई निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है।
रोमियों 6:19; गलातियों 5:22-25


ईश्वरीय चंगाई यीशु के द्वारा, जो चंगा करने वाला है, आज भी लोगों के जीवन में क्रियाशील है। चंगाई में शरीरिक, मानसिक, भावनात्मक और आत्मिक बहाली शामिल है।
लुका 9:11; मत्ती 9:35; प्रेरितों के काम 10:38; मत्ती 10:1


बाईबल नर्क का वर्णन असली स्थान करके करती है। यह एक दुखों का और उनका जो मसीह को स्वीकार किए जाने बिना मर जाते है के लिए परमेश्वर से स्थायी अलग होने का एक स्थान है। परमेश्वर की इच्छा है कि अनन्त काल के लिए कोई भी उससे अलग ना हो, इसीलिए उसने उसके पुत्र यीशु मसीह को पृथ्वी पर भेजा।
इब्रानियों 9:27; प्रकाषितवाक्य 20:12-15; यूहन्ना 3:16-18


यीशु मसीह आएगा और उन सबको जिन्होंने उन्हें उद्धारकर्ता करके ग्रहण किया अनन्त काल के लिए उसके साथ रहने के लिए ले जाएगा।
प्रेरितों के काम 1:11; 1 थिस्सलुनीकियों 4:13-17; इब्रानियों 9:28

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